गर्दन की हड्डी कैसे टूटती है?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 16:15

गर्दन की हड्डी टूटने से गर्दन से नीचे का पूरा हिस्सा अधरंग का शिकार हो सकता है। इससे सांस भी रूक सकती है। उन्होंने बताया कि आधुनिक माइक्रोस्कोपिक तकनीक से रीढ़ व गर्दन की हड्डी का जटिल आपरेशन किया जा सकता है।

गर्दन में फ्रैक्चर क्या है?

ब्रोकन नेक या गर्दन में फ्रैक्चर गर्दन की हड्डी का टूटना है। यह फ्रैक्चर गर्दन की सात वर्टब्रल (vertebrae) में से किसी एक या अधिक में हो सकता है। सर्विकल वर्टब्रल आपके सिर को सपोर्ट करती है और गर्दन को आगे-पीछे, ऊपर-नीचे हिलाने में मदद करती है। वरटब्रे (vertebrae) स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) को सुरक्षा प्रदान करता है।

स्पाइनल कॉर्ड में मौजूद नर्व्स आपके हिलने-डुलने की क्षमता को कंट्रोल करते हैं। ऐसे में ब्रोकन नेक का स्पाइनल कॉर्ड पर भी असर होता है। गर्दन में फ्रैक्चर यदि मामूली है तो नेक ब्रेस पहनने पर यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन गर्दन में फ्रैक्चर यदि गंभीर है तो ट्रैक्शन से लेकर सर्जरी तक की जरूरत हो सकती है। कई मामलों में ब्रोकन नेक से स्पाइनल कॉर्ड इंजरी और पैरालाइसिस व यहां तक की मौत भी हो जाती है। इसलिए गर्दन में फ्रैक्चर होने पर तुरंत इलाज करवाना जरूरी है।

कारण

गर्दन में फ्रैक्चर का कारण क्या है?

ब्रोकन नेक का सबसे आम कारण किसी तरह का ट्रॉमा जैसे गिरना या कार से एक्सिडेंट होता है। दुर्लभ मामलों में स्ट्रेस फ्रैक्चर होता है यानी लगातार स्ट्रेस के कारण गर्दन की हड्डी टूट जाती है। खेल के दौरान भी ब्रोकन नेक हो सकता है। इसके अलावा कम पानी में डाइविंग करने, गर्दन को अचानक झटके से मोड़ने या सिर व गर्दन पर गंभीर वार से भी ब्रोकन नेक हो सकता है।


गर्दन में फ्रैक्चर के जोखिम क्या है?

रिस्क फैक्टर जो ब्रोकन नेक की संभावना को बढ़ा देते हैं, में शामिल हैः

ऊंचाई पर, बाइक या घोड़े पर कोई एक्टिविटी या स्टंट करना

फुटबॉल, रग्बी या आइस हॉकी जैसे गेम खेलना

खेलते समय सेफ्टी गेयर या हेल्मेट नहीं पहनना

स्वास्थ्य समस्याएं जिसकी वजह से कोई अचानक गिर सकता है जैसे मांसपेशियों का कमजोर होना

जहां हिंसा हो रही हो, उस जगह के आसपास रहना

लक्षण

गर्दन में फ्रैक्चर के लक्षण क्या है?


ब्रोकन नेक होने पर दिखने वाले लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि फ्रैक्चर कितना गंभीर या मामूली है। यदि स्पाइल कॉर्ड को क्षति पहुंची है तो इससे आपके शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर होगा जैसे आपको हाथ, पैर हिलाने में दिक्कत होगी। अस्थायी या स्थायी पैरालाइसिस भी हो सकता है। ब्रोकन नेक के अन्य लक्षणों में शामिल हैः


गर्दन में तेज दर्द होना और सिर हिलाने में बहुत मुश्किल होना या बिल्कुल न हिला पाना
हाथ-पैरों में झुनझुनी होना और बैलेंस बनाने व चलने में दिक्कत होना
दर्द, सूजन के साथ ही गर्दन की मांसपेशियों का अकड़ जाना
गर्दन को घुमाने और मोड़ने में असमर्थता
निगलने या सांस लेने में परेशानी
बांह और पैर में दर्द महसूस होना
डबल विजन या चेतना खोना
सिर के बेस का सुन्न होना, दर्द या झुनझुनी होना

निदान

गर्दन में फ्रैक्चर का निदान क्या है?


ब्रोकन नेक को डायग्नोस करने के लिए डॉक्टर आपसे पूछेगा कि आपको चोट कैसे लगी। इसके अलावा गर्दन और उसके आस-पास के हिस्सों में होने वाले दर्द और अन्य लक्षणों के बारे में पूछेगा। वह मांसपेशियों में होने वाली किसी तरह की परेशानी, आपकी सजगता और टच सेंस की भी जांच करता है। इसके अलावा आपको कुछ टेस्ट के लिए भी कहा जा सकता हैः

एक्स रे- गर्दन की हड्डी के टूटने या गर्दन में किसी अन्य तरह की समस्या की जांच के लिए एक्स-रे किया जाता है।

CT स्कैन या MRI- स्पाइनल कॉर्ड में होने वाली क्षति की जांच के लिए CT स्कैन या MRI किया जाता है। पिक्चर में आपका स्पाइल कॉर्ड बिल्कुल स्पष्ट दिखे इसके लिए आपको कॉन्ट्रास्ट लिक्विड दिया जा सकता है। यदि आपको कॉन्ट्रास्ट लिक्विड से एलर्जी है तो पहले ही डॉक्टर को इस बारे में बता दें।

उपचार

गर्दन में फ्रैक्चर का उपचार क्या है?

यदि आपको गर्दन में ज्यादा दर्द है तो डॉक्टर पेनकिलर देगा। ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेने की गलती न करें। इसके अलावा उपचार के लिए अलग-अलग तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि ब्रोकन नेक कितना गंभीर है। सामान्य या मामूली फ्रैक्चर को गर्दन में एक खास तरह की बेल्ट या ब्रेस लगाकर ही ठीक किया जा सकता है।

मामूली फ्रैक्चर होने पर जिसमें स्पाइनल कॉर्ड को किसी तरह का नुकसान नहीं होता। सिंपल नेक ब्रेस, दर्दनिवारक दवाएं और आराम करने पर कुछ ही दिनों में स्थिति सामान्य हो जाती है।

इमोबलाइजेशन
यदि फ्रैक्चर सामान्य से थोड़ा अधिक है तो डॉक्टर गर्दन को हिलने-डुलने से बचाने के लिए उसे खास तरीके से स्थिर करता है जिसमें शामिल हैः

हेलो ब्रेस या वेस्ट की मदद से गर्दन और सिर को हिलने से रोकता है। हेलो ब्रेस आपके सिर से जुड़ा होता है। उपचार के दौरान भी इसे निकाला नहीं जाता है।

सेमिरिजिड कॉलर में प्लास्टिक प्लेट्स की मदद से गर्दन के साइड टू साइड और ऊपर-नीचे की गतिविधि को रोका जाता है।

सॉफ्ट कॉलर एक लीचीले ब्रेस है जिसे गर्दन के चारो ओर लगाया जाता है।

थेरिपी
कुछ मामलों में थेरिपी की भी सलाह दी जाती है। इसमें आपको बांह, पैर और हाथ की आसान एक्सरसाइज करने को कहा जाता है।

सर्जरी
यदि ब्रेस और कॉलर की मदद से ब्रोकन नेक ठीक नहीं होता है और चोट गंभीर है तो आपको सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

मुझे कब इमरजेंसी सर्विस की जरूरत है?

यदि आपको अचानक गंभीर सिरदर्द, मितली और उल्टी आने लगे।
आपको डबल दिख रहा हो या बिल्कुल दिखाई न दे।
आपके हेलो ब्रेस के पिन ढीले पड़ गए हैं या पहले की मुकाबले स्किन में अंदर घुस गए हैं।
आपको हाथों और उंगलियों में कमजोरी महसूस हो रही है या वह सुन्न हो गए हैं।
आपके बांह और पैर गर्म, संवेदनशील और उनमें दर्द महसूस हो रहा हो। उनमें सूजन हो या वह लाल हो गए हो।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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